जिसके आधार पर हम किसी व्यक्ति की जन्म कुण्डली देखकर ही उसके जीवन में घटित होने वाली घटनाओ का वर्णन करते है I किन्तु यह दुर्भाग्य ही है क़ि हज़ारों वर्षो से निरंतर चल रहे ज्योतिष के अध्ययन और मनन के पश्चात भी आज इसकी विवादास्पदता खत्म नहीं हो रही है I इस समाज में दो वर्ग है - पहला वर्ग इसका अंधानुसरण करते है और दूसरा वर्ग इसे विज्ञान मानने को तैयार ही नहीं है l इन दोनों वर्गों के बीच में पिसता हुआ यह विज्ञानं बीसवीं सदी तक घिसटते हुए चला आ रहा है l आज आवश्यकता है ज्योतिष विज्ञान के कुछ सिद्धान्तों में कुछ संशोधन की I इस संशोधन के पश्चात ही ज्योतिष विज्ञानं की महानता उजागर हो सकेगी I
KN Rao explores the profound influence of planetary positions on the lives and personalities of children
Satya Jatakam offers insightful interpretations of birth charts
Rao | Publisher: Vani Publications
Nakshatra Rahasya [Hindi] 9788188230774 जिसके आधार पर हम किसीNakshtra Rahasya Hindi Author Raj Kumar Lt Col , , , " " , , , , , , , , , , , , , , , , , , ( 2 7 28) ,